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Tuesday, February 17, 2015

ये हैं डाइट के राइट प्लान

ये हैं डाइट के राइट प्लान


जब भी जिक्र आता है वजन घटाने का या खुद को फिट रखने का तो सबसे पहला नाम आता है डाइटिंग का। कई ऐसे डाइट प्लान हैं, जो कम वक्त में वजन कम करने का दावा करते हैं। क्या हैं वे प्लान और इनमें कितना है दम, एक्सपर्ट्स की मदद से बता रही हैं

जीएम डाइट

जनरल मोटर्स कंपनी ने अपने एम्प्लॉयीज की फिटनेस की खातिर यह इंडियन वेजिटेरियन डाइट फॉर्म्युला निकाला था। वहां सफल रहने के बाद डाइटिंग करने वालों के बीच यह काफी फेमस हो गया। ऐसा दावा किया जाता है कि इसकी मदद से 7 दिनों में करीब 5-6 किलो तक वजन कम हो जाता है।




हफ्ते भर का प्लान

पहला दिन: इस दिन बस फ्रूट्स खाएं, हां पेट भर खा सकते हैं। अंगूर, केला, लीची और आम छोड़कर आप कोई भी फल ले सकते हैं। भले ही दिन में 20 बार खाएं, लेकिन इस दिन आपकी डाइट का हिस्सा सिर्फ फ्रूट्स रहेंगे। इतने में ही आपका डेढ़ किलो वजन कम हो जाएगा।



दूसरा दिन: आज सब्जियां एंजॉय करें, उबली हुई या कच्ची, जैसे भी आपका मन करे। जितनी चाहे, उतनी ले सकते हैं। लेकिन ऑइल और नमक लेने से बचें। दिन की शुरुआत करें उबले आलू और एक छोटे चम्मच मक्खन के साथ। यह आपको पूरे दिन के लिए एनर्जी देगा। आज कैलरीज नहीं लेनी। इन दो दिनों का प्लान पूरा करने का मतलब है कि आप वाकई अपने मिशन को लेकर गंभीर हैं।

तीसरा दिन: आज पहले के दोनों दिनों की मिक्स्ड डाइट रहेगी। इसी के साथ खूब पानी पीना शुरू कर दें। आज आलू नहीं खाना है, क्योंकि फलों से एनर्जी मिल ही जाएगी। जैसे बॉडी से फैट घटना शुरू होगा, वैसे ही आपका मन ज्यादा खाने को करेगा। लेकिन अपने टारगेट पर टिके रहें। थोड़ा मुश्किल है, लेकिन मुमकिन है।

चौथा दिन: तीन दिन से डाइट में नमक नहीं शामिल होने से सोडियम व पोटैशियम की कमी हो सकती है। इसे दूर करने के लिए आज के दिन केले व दूध की डाइट रहेगी। आप दिन में 4 केले और 4 बार डबल टोन्ड दूध ले सकते हैं। दिन में एक बार शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज और टमाटर का पतला सूप भी लिया जा सकता है।

पांचवा दिन: आज स्वाद पर लौट सकते हैं। टमाटर, पनीर, अंकुरित अनाज, सोयाचंक्स आदि अलग-अलग या फिर सूप के तौर पर लिए जा सकते हैं। दिन में तीन बार, ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में यह सूप ले सकते हैं। लंच में एक कप उबले हुए ब्राउन राइस भी लिए जा सकते हैं। दिन में 6 टमाटर खाएं और पानी की मात्रा भी बढ़ा दें।

छठा दिन: पनीर, अंकुरित अनाज और दूसरी सब्जियां डाइट में रहेंगी, लेकिन टमाटर नहीं। दिन में पांच मील में इन सभी चीजों को ले सकते हैं। इन्हें सूप के तौर पर भी लिया जा सकता है। नमक कम रखें।

सातवां दिन: आखिरी और महत्वपूर्ण दिन में आप फ्रेश फ्रूट जूस, एक कप ब्राउन राइस या फिर आधी रोटी और दूसरी सब्जियां खाएं। इस डाइट में पानी भरपूर पिएं। रोजाना कम-से-कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। इससे बॉडी के डिटॉक्सिफिकेशन में मदद मिलेगी और मन भी रिलैक्स रहता है।

कमी: इस डाइट प्लान में एकदम खाना कम हो जाने से मांसपेशियों में कमजोरी, डिहाइड्रेशन, सिर में दर्द, बहुत ज्यादा भूख लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि जैसे बॉडी खुद को इस डाइट प्लान के हिसाब से ढालेगी, उसी के साथ ये दूर भी होती जाएंगी।

ब्लड टाइप डाइट

नैचरोपैथिक फिजिशन पीटर डी एडैमो ने अपनी किताब 'ईट राइट फॉर योर टाइप' में ब्लड ग्रुप के हिसाब से डाइट प्लान बताया है। उनको तर्क है कि फूड प्रोटीन (लेक्टिन) को डाइजेस्ट करने में अलग-अलग ब्लड ग्रुप अपने तरीके से ऐक्ट करते हैं। उनकी मानें, तो गलत खान-पान से अलग लेक्टिन मिलते हैं, जो मेटाबॉलिज्म स्लो करने के अलावा शरीर में फुलावट और कैंसर तक की वजह बनते हैं। उनका मंत्र है, ब्लड ग्रुप के हिसाब से पेट भर खाएं और जरूरत के हिसाब से एक्सरसाइज करें। हालांकि पानी भरपूर पीना चाहिए।

टाइप ओ: यह सबसे पुराना ब्लड ग्रुप है, जिसको पीटर 'तेज शिकारी' का नाम देते हैं। इनके लिए वह लीन मीट, फिश, दाल व सब्जियों वाली हाई प्रोटीन डाइट लेने की सलाह देते हैं। तीनों टाइम के खाने में प्रोटीन रिच चीजें हों और उतनी अमाउंट में लें, जितने में पेट आराम से भर जाए। उनके हिसाब से इस ब्लड ग्रुप के लोगों को पेट की समस्या ज्यादा होती है, इसलिए ये अनाज और ब्रेड अवॉइड करें। साथ ही, इन लोगों को जॉगिंग औार बाइकिंग जैसी एक्सरसाइज खूब करनी चाहिए।

टाइप ए: पीटर की मानें, तो यह ब्लड ग्रुप कार्बोहाइड्रेट्स सोर्स से मिलने वाले न्यूट्रिएंट्स को पूरी तरह इस्तेमाल करने के तौर पर डिवेलप हुआ है। इस ग्रुप को वह सोया प्रोटीन, अनाज और सब्जियां खाने की सलाह देते हैं। दिन में पांच मील आराम से लिए जा सकते हैं, जिनसे पेट भरा रहे। इस ग्रुप में मीट बैन है। रोजाना कम-से-कम आधे घंटे की एक्सरसाइज फायदा देगी।

टाइप बी: इस ग्रुप वालों को पीटर फ्लेक्सिबल डाइजेस्टिव सिस्टम वाला मानते हैं, लिहाजा ये डेयरी प्रॉडक्ट्स के साथ कम मात्रा में मीट ले सकते हैँ। लेकिन चिकन नहीं। कॉर्न, गेहूं, टमाटर, मूंगफली आदि इस डाइट का पार्ट नहीं हैं। आधे घंटे की एक्सरसाइज रोज करें।

टाइप एबी: इस ग्रुप में ए और बी, दोनों ब्लड ग्रुप्स की क्वॉलिटीज हैं। इनके पेट में एसिड कम होता है। लिहाजा पीटर की ओर से ऐसे लोगों को मीट अवॉइड करने और तोफू, सीफूड, डेयरी प्रॉडक्ट आदि लेने की छूट दी गई है। दिन के तीन से पांच मील हल्के हों और कैफीन से बचें। आधा घंटा हल्की वॉक बहुत है।

कमी: इस डाइट प्लान में कोई कैलरी काउंट नहीं बताया गया है और यह एक व्यक्ति के लिए न होकर पूरे ग्रुप के लिए है, जिससे इसे लेकर कंफ्यूजन रहता है।

एटकिंस डाइट

वजन घटाने की इसे लॉन्ग टर्म प्लानिंग कह सकते हैं, जिसमें हाई प्रोटीन, हाई फैट और लो कार्बोहाइड्रेट्स वाली डाइट शामिल की जाती है। इसे कार्डियॉलजिस्ट रॉबर्ट सी. एटकिंस ने 1972 में तैयार किया था, जिनका मानना था कि वजन बढ़ने के पीछे कार्बोहाइड्रेट्स ज्यादा जिम्मेदार होते हैं।

फेज 1: दिन में 20 ग्राम ही कार्बोहाइड्रेट्स लें। फ्रूट्स, अनाज, ब्रेड आदि अवॉइड करें। दिन में 3 से 6 मील प्लान करें और इनमें प्रोटीन रिच आइटम जैसे दाल, अंडे, रेड मीट, फिश आदि रखें। 2 लीटर पानी जरूर लें। 2 हफ्ते इस शेड‌्यूल को फॉलो करें। 7 किलाे वजन घटने पर आगे बढ़ें।

फेज 2: कार्बोहाइड्रेट्स का कुछ अमाउंट बढ़ाते हुए सब्जियां, बेरीज, नट्स आदि डाइट में वापस शामिल होते हैं। अगर वजन बढ़े, तो सूप व सलाद पर आ जाएं।

फेज 3: टार्गेट से करीब 4 किलो दूर रहने पर हर हफ्ते 10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स जोड़ने शुरू होते हैं। इसके लिए शकरकंदी और अनाज जैसी चीजें कंट्रोल में लें।

फेज 4: ऊपर की तीन डाइट में से जिस कॉम्बिनेशन पर आपका वेट न बढ़े, उस पर टिके रहें। पिज्जा व केक कभी-कभार ही लें।

कमी: एक हद के बाद यह डाइट लोगों को बोरिंग लगने लगती है। वहीं, इसकी वजह से नींद कम आना, सुस्ती, मुंह से बदबू और फाइबर की कमी से कब्ज की शिकायत देखने में आई है।

3 आवर डाइट

करीब 20 किलो के ज्यादा वजन से परेशान जॉर्ज क्रूज ने इसे खासतौर पर बैली फैट को कम करने के लिए तैयार किया है। इसका दावा है कि हर तीन घंटे में तय समय पर कुछ-न-कुछ खाने से बॉडी मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और बॉडी फैट घटता है। इस डाइट प्लान में एक्सरसाइज पर भी ज्यादा जोर नहीं दिया जाता। बस एक कंडिशन है कि सोने से 3 घंटे पहले कुछ भी नहीं खाना होता है। वहीं, इस प्लान में किसी फूड आइटम पर रोक नहीं है, क्योंकि क्रूज का मानना है कि कोई भी खाना बुरा नहीं होता, बस उसका अमाउंट सही होना चाहिए। क्रूज के हिसाब से इस डाइट प्लान से स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल का लेवल घटता है और इसके कम होने का सीधा असर आपकी वेस्टलाइन घटने पर दिखता है।

सुबह 7 बजे: सेब, अखरोट व योगर्ट

सुबह 10 बजे (स्नैक्स): दो कप गाजर

दोपहर 1 बजे: हरी सब्जी, 1 रोटी व सलाद

शाम 4 बजे (स्नैक्स): एक केला

शाम 7 बजे: एक कटोरी दाल व सलाद

रात 10 बजे : जरूरत पड़े, तो एक संतरा (50 कैलरी से नीचे)

यह एक सैंपल डाइट है, जिसे अपने हिसाब से बदल सकते हैं। लेकिन मील में कैलरीज 200-250 और स्नैक्स में 100-150 से ऊपर न हों।

कमी: इस प्लान में रेग्युलर इंटरवल पर कैलरीज बॉडी में जा रही हैं, लिहाजा एक्सरसाइज का सही शेड्यूल मेंटेन करना जरूरी है। हालांकि अक्सर लोग इसमें मात खा जाते हैं।





द बेस्ट लाइफ डाइट

यह महज डाइट प्लान न होकर लाइफस्टाइल को बदलने का तरीका है, जो ओपरा विन्फ्रे के ट्रेनर और एक्सरसाइज फिजियॉलजिस्ट बॉब ग्रीन की तीन फेज वाली प्लानिंग है। ओपरा ने इससे करीब 40 किलो वजन घटाया था। बॉब का मानना है कि डाइटिंग व हेल्दी रिजीम, फिजिकल और इमोशनल, दोनों तरीकों से चलते हैं। लिहाजा इनको डिवेलप करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लानिंग के साथ चलना चाहिए।

फेज 1: चार हफ्ते तक हेल्दी हैबिट्स डिवेलप करें, जिसमें अल्कोहल छोड़ना, रात को सोने से दो घंटे पहले कुछ नहीं खाना, रोज विटामिन लेना और दिन में 3 वक्त खाने के अलावा एक टाइम स्नैक्स लेना जरूरी है।

फेज 2: इसके बाद फिजिकल ऐक्टिविटी स्टार्ट करने के साथ ही कैलरीज काउंट करके खाना शुरू करना होता है। इस फेज में 6 ऐसी चीजें छोड़नी होती हैं, जो आपकी कमजोरी होती हैं और जिनकी वजह से आपका वजन बढ़ रहा होता है। यह हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। इस दौरान लोगों को भूख बहुत लगती है, लेकिन इसे कैलरीज काउंट के साथ कंट्रोल किया जाता है।

फेज 3: मेंटिनेंस फेज में डिवेलप की गई आदतों को जिंदगी भर के लिए साथ लेकर चलना होता है। इसमें सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट, सोडियम रिच फूड, चीनी, पैक्ड फूड आदि से परहेज रखना होता है।

कमी: बड़े नतीजे देखने के लिए खासा इंतजार करना पड़ता है। अक्सर लोग ऐसा कर नहीं पाते और प्लान बीच में छूट जाता है।

मैडिटेरियन डाइट

इसे इटली के दक्षिणी तटीय इलाकों के खान-पान की आदतों के हिसाब से तैयार किया गया है। माना जाता है कि सही तरीके से फॉलो करने पर यह प्लान कम कार्बोहाइड्रेट्स और लो-फैट डाइट से बेहतर नतीजा देता है। तभी इसे दुनिया की बेस्ट डाइट का टैग भी दिया गया है। इस डाइट में होल-ग्रेन और बिना प्रोसेस किए कार्बोहाइड्रेट्स, जिनमें बहुत कम अनहेल्दी ट्रांस-फैट्स होते हैं, शामिल रहते हैं। माना जाता है कि इसे फॉलो करने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, टाइप 2 डाइबिटीज आिद बीमारियों का खतरा नहीं होता।

डाइट में ये चीजें हैं शामिल :

खूब सारी सब्जियां और दालें

रोजाना ताजे फल

फैट के प्रिंसिपल सोर्स के तौर पर ऑलिव ऑयल

योगर्ट और कम कैलरी वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स

हफ्ते में दो बार फिश या चिकन

4 से कम अंडे, यॉक के साथ, एक हफ्ते में

अगर लेते हैं, तो हफ्ते में बस एक गिलास रेड वाइन

ऐसे फॉलो करें :

दिन में 3 से 8 मील सब्जियों के प्लान करें। चावल और रोटी के बिना बात नहीं बनती, तो इनका अमाउंट आधा कर दें। चाय और कॉफी दिन में तीन कप से कम रखें। नाश्ते में सेब और दलिया ले सकते हैं। लंच में ऑलिव ऑयल में बनी सब्जी, एक रोटी और सलाद, डिनर भी ऐसा हल्का। स्नैक्स में ड्राईफ्रूट्स, योगर्ट आदि लें।

कमी: यह दरअसल कोई डाइट प्लान नहीं है, जैसा कि लोग उम्मीद रखते हैं। यह रहन-सहन और आदतों में बदलाव लाने की बात है, जिसमें अमूमन लोग सफल नहीं रहते।

फैट फ्लश डाइट

न्यूट्रिशनिस्ट एन. लुईस गिटलमैन के लो-कार्बोहाइड्रेट और सीमित कैलरी वाला यह डाइट प्लान बॉडी से टॉक्सिन निकालने के साथ वजन भी कम करता है। इस डाइट का आधार लीवर के फैट को यूज करने की क्षमता है, जिससे कमर, हिप्स और थाइज में जमी चर्बी घटती है। खाने में सही चीजों के चयन व इसके पूरे शेड्यूल के साथ बॉडी का मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर फैट घटाया जा सकता है। यह तीन पार्ट्स में बंटी है।

फेज 1: इस डिटॉक्स फेज में शरीर से फैट निकालने के लिए रोज आठ गिलास क्रेनबेरी (एक फल) जूस और पानी मिलाकर लें। कैलरी इनटेक 1100 से 1200 तक का रहेगा और गेहूं व डेयरी प्रॉडक्ट्स पर प्रतिबंध रहेगा। यह फेज 2 हफ्ते तक फॉलो करना है। दिन में दो बार बस खीरा, गाजर, टमाटर का सलाद लें। इस तरह 10 दिन में 4 किलो वजन घटेगा। पानी व जूस के साथ ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए फ्लैक्सीड (अलसी) लें।

फेज 2: इसमें 1500 कैलरीज रोजाना लें। यह फेज तब तक रहेगी, जब तक वजन कम करने का टारगेट पूरा नहीं हो जाता। दिन में दो बार रोटी व सब्जी ले सकते हैं, लेकिन जोर सलाद व पानी पर रहेगा।

फेज 3: यह लाइफस्टाइल ईटिंग प्लान है, जिसमें पूरी लाइफ के लिए डाइट प्लान 40% कार्बोहाइड्रेट्स, 30% प्रोटीन व 30% फैट के हिसाब से तय किया जाता है। ब्राउन राइस, लो फैट चीज़, कॉर्न, आलू, बीन्स आदि डाइट में ले सकते हैं। एक गिलास डबल टोंड दूध ले सकते हैं। नमक और चीनी कम रहेंगे।

कमी: इस डाइट को फॉलो करने में खाने और एक्सरसाइज में अनुशासित रहना होता है। बाहर कहीं नहीं खा सकते। फिर इस डाइट में शामिल चीजें रुटीन आइटम्स की तुलना में महंगी पड़ती हैं।

जीआई डाइट

जीआई या ग्लाइिसमिक इंडेक्स डाइट बेसिक तौर पर शुगर पेशंट्स के लिए तैयार किया गया, लेकिन अब वजन घटाने के लिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (70 से नीचे) वाले फूड आइटम्स को खूब यूज किया जाने लगा है। ये धीरे पचते हैं, जिससे पेट देर तक भरा रहता है। डाइट में ओट्स, साबुत अनाज, ब्राउन राइस, पत्तागोभी, मशरूम, टमाटर, प्याज, सेब, संतरे, स्ट्राबेरी, पत्तेदार सब्जियां, नट्स आदि शामिल करें। खजूर, बीन्स और आलू हेल्दी होने के बावजूद में ज्यादा ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने की वजह से नहीं लेने चाहिए। दिन में 4 मील प्लान करें। ब्रेकफास्ट में अंडे, दलिया, ओट्स, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल, कम फैट का एक गिलास दूध आदि लिए जा सकते हैं। लंच में योगर्ट, सलाद, हरी सब्जी और रोटी लें। स्नैक्स में फ्रूट्स या नट्स लें। डिनर में सूप लें।

क्या अवॉइड करें: चावल, ब्रेड, बिस्कुट, केला, शुगर मिले फ्रूट जूस, कुकीज, आइसक्रीम आदि।

कमी: फूड आइटम्स हर व्यक्ति की बॉडी में अलग रिएक्शन देते हैं, तो वराइटी और बनाने के टाइम के हिसाब से भी यह इंडेक्स बदल जाने से कंफ्यूजन होता है।

केवमैन डाइट

इसे पेलियो डाइट भी कहा जाता है। इसका फोकस खाने मेंकैलरीज कम करने पर न होकर कब और कैसे खाना है, पर रहता है। जैसे पाषाण युग में लोग रहते थे, उस हिसाब से हेल्दी फूड की डिमांड आपकी बॉडी करे, इसका डाइट प्लान इस हिसाब से तैयार किया जाता है।

स्टेज 1: पहले दो हफ्ते सुबह की शुरुआत बड़ा गिलास पानी पीने से करें। पूरा दिन फल और नट्स खाएं। रात में अपनी पसंद का भरपूरखाना, यहां तक किबर्गर, पिज्जा आदि ले सकते हैं।

स्टेज 2: अगले दो से छह हफ्ते, सुबह पानी का नियम जारी रखें। दिन में कुछ न खाएं और पानी पीते रहें। रात में आलू को छोड़कर कोई भी सब्जी, नट्स, अंडे, बेरीज आदि ले सकते हैं।

स्टेज 3: सुबह पानी के रुटीन और शाम को हैवी खाने के नियम से बंधे रहें। दिन में भूख लगने पर लीन मीट, सब्जियां, नट्स जैसे नेचरल चीजें लें।

कमी: फैट कम कर मसल्स बनाने वाली इस डाइट के रूल बाकी सभी डाइट्स से अलग हैं। यह रात में खूब खाने की सलाह देती है, जबकि अमूमन रात में हल्का खाना खाने की सलाह दी जाती है।

घटाते रहो चेकलिस्ट

वजन कम करने की आपकी कोशिश को सलाम करते हुए हम एक रिमाइंडर दे रहे हैं ताकि देख सकें कि आप कहीं चूक तो नहीं रहे।

वजन मापने की मशीन नहीं ली तो अभी लें। ऑनलाइन भी मंगा सकते हैं। अच्छी डील मिल जाएगी। कीमत : 500 से 1500 रु.।

अगर मशीन है तो हर संडे वजन लें! अभी वजन करके देखें। अगर असर नहीं दिख रहा तो अपनी कोशिश में थोड़ी ईमानदारी और लाएं।

सुबह उठकर खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में एक नीबू निचोड़ कर पिएं। इससे फैट टूटता है।

खाने में जंक, फास्ट और पैक्ड फूड को थोड़े वक्त के लिए पूरी तरह बाय-बाय कर दें।

ब्रिंज ईटिंग यानी मेन खाने के बीच-बीच में कुछ खाते रहना फिटनेस का सबसे बड़ा दुश्मन है। इससे तौबा करें।

घर से चॉकलेट, केक, चिप्स और मैदे के बिस्कुट को बिल्कुल बाहर कर दें। मल्टिग्रेन बिस्किट कभी-कभार ले सकते हैं।

रोजाना कम-से-कम 3 फल और सब्जियां खाएं। फ्रिज में सलाद और फलों को जगह दें। फिर हेल्दी खाने का ऑप्शन ही दिखेगा।

रात का खाना 8 बजे तक या सोने से कम -से-कम दो घंटे पहले जरूर खा लें। डिनर में एक रोटी कम कर दें।

रोजाना कम-से-कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। ठंड का बहाना नहीं चलेगा। गुनगुना कर पी सकते हैं। ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

रोजाना कम-से-कम 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक, एक्सरसाइज या योग जरूर करें। डांस भी कर सकते हैं। मन और तन, फ्रेश रहेंगे।

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